बलरामपुर/ अम्बिकापुर- प्रशासनिक आतंकवादी, गुंडा एसडीएम करुण डहरिया हत्या के मामले में जेल भेजा जा चुका है। रिश्वतखोरी, बदमिज़ाजी और गुंडई के लिए कुख्यात करुण डहरिया के जेल जाते ही उसके कई पुराने काले कारनामे सामने आ रहे हैं। बाक्साइट के अवैध उत्खनन में उसका हाथ बताया जा रहा है। इस काले कारोबार में सत्तारूढ़ दल के पदाधिकारियों के साथ साठगांठ भी चर्चा का विषय बन चुका है। बताया जा रहा है कि उसके अवैध कारोबार का विरोध करने की वजह से उसने अपने गुर्गों के साथ मिलकर ग्रामीणों की अंधाधुंध पिटाई की थी, इस मारपीट में घायल एक बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है। जेल भेजे जाने की पहली तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर में हत्यारोपित एसडीएम कैमरे से नजर चुराते दिखाई दे रहा है।

गुंडा प्रवृत्ति का यह अधिकारी आम जान के बीच तानाशाह के रूप में कुख्यात है। गरियाबंद में जनपद सीईओ के रूप में कार्य करने के दौरान साल 2022 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने उसे 20 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। निलंबन के बाद उसकी पोस्टिंग लगातार बलरामपुर जिले में होती रही है। गरियाबंद जनपद पंचायत सीइओ रहने के दौरान उसने बोरवेल खनन का बिल पास कराने ठेकेदार से पैसे की माँग की थी। जिसके बाद ठेकेदार ने इस बात की शिकायत एसीबी से की थी।
विवादित हत्यारोपित डिप्टी कलेक्टर सुर्खियों में तब आया था जब जाँजगीर चांपा के पामगढ़ में एसडीएम रहने के दौरान छात्रों से यापन लेने से मना कर दिया था और उन्हें थप्पड़ मारने की धमकी भी दी थी।
बलरामपुर जिले के कुसमी में एसडीएम रहने के दौरान भी हत्यारोपित करुण डहरिया पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं। उस पर अवैध लकड़ी परिवहन करते ट्रक को छोड़ने 6 लाख 30 हज़ार रुपये की अवैध उगाही की शिकायत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में की गई थी। इस घटना से जुड़ा एक ऑडियो भी वायरल हुआ था। तब आरोपित एसडीएम ने ख़ुद पर लगे आरोपों को ग़लत और बेबुनियाद बताया था।
विवादित एसडीएम एक बार चर्चा में तब भी आया था जब अतिक्रमण हटाने के दौरान एक युवक के कॉलर पकड़ अभद्रता करने का वीडियो मीडिया चैनलों के माध्यम से लोगों तक पहुंचा था। इस विवादित एसडीएम को करीब से जानने वाले लोग बताते हैं कि वह हमेशा अक्कड़ में होता है और बेहद बदमिजाज किस्म का व्यक्ति है।